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International Journal of
Research in Hindi
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VOL. 8, ISSUE 3 (2026)
भवानी प्रसाद मिश्र के काव्य की 21वीं सदी में प्रासंगिकता
Authors
डॉ. प्रणव शर्मा
Abstract
21वीं सदी में संचार क्रांति के कारण साहित्य के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन आया है। आज डिजिटल मीडिया के समय में लोगों में श्रव्य-दृश्य माध्यमों का प्रचलन अधिक है। एक स्तर पर साहित्य डिजिटल रूप में भी पढ़ा और सुना जाने लगा है। कविता या साहित्य आज नए रूपों में उपलब्ध है। पूर्व के कई साहित्य और साहित्यकर भी आज के समय में प्रासंगिक बने हुए हैं। कवि भवानी प्रसाद मिश्र हिंदी कविता के संसार में एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने अपनी बोलचाल की भाषा में गहरे से गहरे संवेदनाओं और नए विचारों को शब्दबद्ध किया है। प्रस्तुत शोध पत्र के माध्यम से भवानी प्रसाद मिश्र की कविताओं का 21वीं सदी में प्रासंगिकता पर दृष्टिपात करने का प्रयास है।
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Pages:8-10
How to cite this article:
डॉ. प्रणव शर्मा "भवानी प्रसाद मिश्र के काव्य की 21वीं सदी में प्रासंगिकता". International Journal of Research in Hindi, Vol 8, Issue 3, 2026, Pages 8-10

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